नर्मदा सेवा यात्रा 'नमामि देवि नर्मदे' अभियान के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा की जाने वाली गतिविधियॉ

यात्रा के पूर्व एवं पश्चात की जाने वाली गतिविधियाँ -

  1. नदी एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित गतिविधियों को विद्यालयों में प्रत्येक शनिवार को होने वाले बालसभा से जोड़ा जायेगा।
  2. तटीय ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक/माध्यामिक विद्यालयों में संचालित ईको क्लब के माध्यम से गतिविधियों को जोड़ कर जागरूकता फैलाई जायेगी। चित्रकला प्रतियोगिता, रैली, नदी के तटों पर स्वच्छता अभियान आदि।
  3. विद्यार्थियों को प्रार्थना सभा के दौरान पर्यावरणविद् एवं अनुभवी नागरिकगण से नदी संरक्षण से संबंधित मुद्दों से जागरूक किया जा सकता है।

यात्रा के दौरान की जाने वाली गतिविधियाँ -

  1. नर्मदा संरक्षण यात्रा के दौरान यात्रियों का स्वागत तटीय शालाओं में किया जा सकता है। यात्रियों का उद्बोधन शालाओं में कराया जा सकता है।
  2. एन.सी.सी., एन.एस.एस., एन.जी.सी., रेडक्रास आदि में नामांकित विद्या‍र्थियों एवं शिक्षकों का सहयोग कार्यक्रम को सफल बनाने में लिया जा सकता है।

  1.   यात्रा की राह में पड़ने वाले सभी विकासखण्‍ड मुख्‍यालय में प्रवेश और निर्गम पाईन्‍ट्स पर फलेक्‍स बैनर लगातार जैविक खेती तथा जल संरक्षण के संदेश प्रदर्शित किये जायेंगे। इन पर यात्रा के स्‍वागत के संबंध में भी उल्‍लेखन रहे।
  2. राह में पड़ने वाले मुख्‍य ग्रामों और ग्राम पंचायतों में जैविक खेती तकनीकि पर आधारित स्‍लोगन लिखवायें जायेंगे।
  3. यात्रा के पड़ाव के दौरान जहॉ कहीं संगोष्‍ठी का आयोजन हो, वहॉ कृषि विशेषज्ञों तथा कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जैविक खेती, नरवाई न जलाने, नदी स्‍वच्‍छता तथा पानी बचाओं विषयों पर व्‍याख्‍यान दिये जायेंगे।
  4. जैविक खेती तथा अन्‍य कृषि साहित्‍य यात्रा के दौरान ग्रामीणों को वितरित किये जायेंगे।
  5. नाडेप, बायोगैस, वर्मी कम्‍पोस्‍ट, फसल प्रदर्शन तथा कृषि से संबंधित कार्यों को दर्शाने वाले बोर्ड/बैनर या संकेत चिन्‍ह लगाये जायेंगे।
  6.   किसानों को खेती के साथ अंतरवर्ती शस्‍य के रूप में फल वृक्ष लगाने की सलाह दी जायेगी।

  1. नर्मदा नदी के किनारे स्थित आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से नर्मदा नदी के प्रति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जावे, जिसमें आंगनवाडि़यों में आने वाली महिलाओं एवं बच्चों को नर्मदा नदी के बारे में जानकारी दी जायेगी।
  2. नर्मदा नदी के किनारे स्थित आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों को स्वच्छता की जानकारी दी जावे एवं स्वच्छता वातावरण के महत्व को समझाया जावेगी। आंगनवाड़ी केन्दों के माध्यम से किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं को मासिक स्वच्छता के बारे में जानकारी दी जावेगी, साथ ही उदिता कॉनर्स के माध्यम से या अन्य सेनेटरी पेड के उपयोग एवं उसके स्वच्छ‍ प्रबधन एवं उचित निस्तारण के बारे में जानकारी दी जायेगी।
  3. ऑगनवाड़ी के माध्य‍म से महिलाओं एवं बच्चों को स्वच्छता जल के महत्व, जल संरक्षण की जानकारी दी जायेगी।
  4. यात्रा के दौरान आम नागरिकों को आईसीडीएस की गतिविधियों, लाड़ों अभियान की जानकारी के साथ व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वागतम लक्ष्मी योजना की जानकारी दी जावेगी।
  5. यात्रा के दौरान आने वाले जिन जिलों में तेजस्विनी कार्यक्रम संचालित है वहां के महिला स्वसहायता समूहों की भागीदारी अधिक से अधिक रखी जायेगी।
  6. विभाग द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के कुपोषण को दूर करने हेतु पंचवटी से सुपोषण अभियान प्रारंभ किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत जल्दी फल देने वाले पौधों जैसे - सहजन तथा नीबू के पौधे रोपण हेतु हितग्राहियों के घर एवं ऑगनवाड़ी परिसरों में किया जायेगा। अतएत यात्रा के दौरान संबंधित जिलों में इस योजना की संपूर्ण जानकारी अधिक से अधिक लोगों को दी जायेगी, साथ ही यात्रा के पूर्व भी योजना अंतर्गत पौधों का रोपण किया जावेगा।
  7. यात्रा के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व को समझाया जायेगा। अतएव यात्रा में आने वाले ऑगनवाड़ी केन्द्रों में हाथ धोने हेतु टिप्पी-टेप या अन्य व्यवस्था सुनिश्चित करेंगें।

  1. फलों, फूलों एवं सब्जियों की खेती करने हेतु लोगों को प्रशिक्षित कर उनके प्रसंस्कोरण की इकाईयों की स्थातपना करना।
  2. एम.पी. एग्रों के माध्यकम से गोबर एवं बायोगैस निर्माण के संबंध में अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षण एवं गोबर/बायोगैस का निर्माण करवाना।
  3. उद्यानिकी अपनाने हेतु लोगों से यात्रा के दौरान वचन पत्र भरवाना।
  4. फल, फूल, सब्जी , औषधियों एवं सुगंधी फसलों के बीज एवं पौधें कृषकों को उपलब्धन हो सके इस हेतु ब्लॉदक स्त र पर एक नर्सरी की स्थाोपना करना।
  5. विभाग द्वारा संचालित जन कभ्याइणकारी योजनाओं में से यात्रा के दौरान प्रचारित की जाने वाली योजनाओं को चिन्हांरकित कर उपलब्धा कराया जाना।

  1. नर्मदा किनारे स्थित ग्रामों में मछली पकड़ने में पेंस्टीपसाईड्स के उपयोग को प्रतिबंधित करने।
  2. नर्मदा किनारे स्थित मछुआरों को जल संरक्षण के संबंध में प्रशिक्षण करने।
  3. विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का यात्रा दौरान प्रचार-प्रसार करना।

  1. नर्मदा नदी की जी.आई.एस. मेपिंग करवाकर वृक्षारोपण योग्य स्थानों को चिन्हित करना।
  2. नर्मदा में मिलने वाले नाले एवं कचरों के बिन्दुओं की पहचना कर इस दिशा में कार्य करना।
  3. विभाग द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं में से यात्रा के दौरान प्रचारित की जाने वाली योजनाओं का चिन्हित कर उपलब्ध कराया जाना।
  4. नर्मदा कैच मेंट क्षेत्र में मिट्टी के क्षरण को रोकने हेतु मृदा संरक्षण के कार्य की जानकारी उपलब्ध कराना।
  5. यात्रा के समन्वय हेतु प्रत्येक जिले में विभाग से एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर अवगत कराने का कष्ट करें।

  1. नगरीय क्षेत्रों में नर्मदा के घाटों पर कचरा एकत्रित करने हेतु व्यवस्था करना।
  2. नगर निगम/पालिकाओं के माध्यकम से मृत पशुओं के खुले में फेंकने की प्रथा को रोकने हेतु मृत वैज्ञानिक निष्पादन हेतु इकाईयों की स्थापना करवाना।
  3. घाटों पर कपड़े, वाहन, पशुओं के नहलाने एवं स्ना‍न में साबुन डिटर्जेंट के उपयोग पर पूर्णत: प्रति करने हेतु मॉनिटरिंग की व्यवस्था।
  4. Solid एवं Liquid waste के प्रबंधन की इकाईयॉं स्थापित करवाना।
  5. घाटों पर सार्वजनिक शौचालयों की स्थापना करना।
  6. घाटों पर महिलाओं एवं पुरूषों हेतु कपड़े बदलने हेतु (Change Room) की स्थापना करना।
  7. विभाग द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं में से यात्रा के दौरान प्रचारित की जाने वाली का चिन्हित कर उपलब्ध कराया जाना।

विभाग द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनायें-

  1. प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रावास
  2. पोस्टम मैट्रिक छात्रावास, आश्रम शालायें
  3. 11वीं कक्षा की छात्राओं को सायकल प्रदाय योजना
  4. संभाग स्तीरीय आवासीय विद्यालय, उत्कृष्ट छात्रावास योजना,
  5. राज्य छात्रवृत्ति (प्रीमैट्रिक)
  6. भारत सरकार की नवीन प्रीमैट्रिक छात्रवृत्ति योजना कक्षा 9 एवं 10 में अध्य्यनरत अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों हेतु
  7. अस्व च्छअ धंधों में लगे परिवारों के बच्चों के लिये प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति
  8. मैट्रिकोत्तकर छात्रवृत्ति, विद्यार्थी कल्याण,
  9. विदेश अध्यतयन हेतु छात्रवृत्ति योजना
  10. छात्रावास, आश्रमों हेतु उत्कृष्ट पुरूस्कार योजना,
  11. कन्या साक्षरता प्रोत्साहन
  12. सैनिक स्कू्ल रीवा में प्रवेश पर फीस प्रतिपूर्ति,
  13. दिल्ली स्थित उच्च शिक्षा संस्थाओं में प्रवेशित मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं के लिये आवास सुविधा योजना,
  14. संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक/मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिये प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान से कोचिंग योजना
  15. छात्र-छात्राओं के कैरियर संबंधी विविध प्रशिक्षण/प्रोत्साहन योजनायें, छात्र-छात्राओं के ''व्यक्तित्व व नेतृत्व विकास'' योजना
  16. कैरियर काउंसलिंग योजना, सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना
  17. परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र ,
  18. माध्यमिक शिक्षा मण्डल एवं व्यवसायिक परीक्षा मण्डल को परीक्षा शुल्क की प्रतिपूर्ति,
  19. डॉ. भीमराव अम्बेडकर मेधावी विद्यार्थी पुरूस्कार योजना,
  20. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी छात्रवृत्ति योजना,
  21. अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को प्रावीण्य उन्नयन योजना,
  22. आवास सहायता योजना, पुरूस्कार एवं सम्मेलन,
  23. अनुसूचित जाति राहत योजना नियम 1979,
  24. विधि स्नातकों को आर्थिक सहायता,
  25. अनुसूचित जाति बस्ती विकास योजना,
  26. अनुसूचित जाति के मजरे, पारे, टोले का विद्युतीकरण,
  27. अनुसूचित जाति के कृषकों के कुओं तक विद्युत लाईन का विस्तार
  28. अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन पुरूस्कार
  29. अस्पृश्यता निवारण के लिये पंचायत पुरूस्कार
  30. मध्यृप्रदेश संत रविदास स्मृति पुरूस्कार
  31. सद्भावना शिविरों का आयोजन
  32. नागरिक अधिकार संरक्षण प्रकोष्ठ
  33. मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना
  34. मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना,

  1. यात्रा में समाज के सभी वर्गों से नदी के संरक्षण के प्रति ध्यान आकर्षित करने हेतु रूट चार्ट के स्थानों पर सुविधानुसार खेल की गतिविधियों का आयोजन कर युवा-वर्ग को जोड़ना।
  2. विभाग द्वारा संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं में से यात्रा के दौरान प्रचारित की जाने वाली योजनाओं को चिन्हित कर जानकारी उपलब्ध कराया जाना।

  1. पशु चारे की नर्सरी स्थापित कर नर्मदा क्षेत्र में चारा उपलब्ध कराना।
  2. चारे की खेती हेतु कृषकों को प्रोत्साहित करना।
  3. पशुओं को जंगल में चारा चरने हेतु खुला छोड़ने की प्रथा को रोकने हेतु कार्य करना।
  4. ग्राम पंचायत में कम से कम एक शुष्क पशुओं की Dry Dairy यूनिट्स की स्थांपना करना तथा लोंगों को यह संदेश देना कि दूधारू पशुओं के समान ही शुष्क पशु भी उपयोगी है।
  5. यात्रा के दौरान विभाग द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना।

  1. यात्रा के दौरान जीवन रेखा नर्मदा नदी के तटो पर स्थित ग्रामों स्वरोजगार योजनांतर्गत मुख्यमंत्री स्वरोजगार/मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना से पेड़ों के पत्तों से दोना पत्तल निर्माण लघु एवं कुटीर ग्रामोद्योगों की प्राथमिकता के आधार पर स्थापना की जावेगी। वित्ती्य वर्ष 2016-17 में प्रत्येक जिले में 5-5 लघु एवं कुटीर ग्रामोद्योग स्थापित कराये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  2. दिनांक 11.11.2016 से नर्मदा नदी के किनारे यात्रा के साथ बोर्ड के जिला प्रभारी साथ रहकर बोर्ड द्वारा संचालित जन कल्याणकारी स्वरोजगार योजना जैसे:-मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना/मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना का प्रचार-प्रसार ब्रोसर/पम्प‍लेट एवं फ्लेक्स के माध्यम से किया जावेगा। ताकि अधिक से अधिक आमजन शासन द्वारा संचालित स्वरोजगार योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
  3. माटीकला बोर्ड की मुख्यमंत्री स्वरोजगार/आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत मिट्टी से कुल्ह‍ड़, प्लेग बनाने की आधुनिक छोटी-छोटी इकाईयां स्थापित करवाई जायें मिट्टी से मूर्ति बनाने संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करने एवं बोर्ड की मुख्यामंत्री स्वरोजगार/आर्थिक कल्याण योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना है।
  4. रेशम कीट पालन हेतु कृषकों को जोडना।
  5. पौंधरोपण/कीटपालन का कार्य किया जाना।
  6. मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना।
  7. मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना।

पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को)

  1. जल/नदी के पर्यावरण संरक्षण विषय पर प्रचार-प्रसार सामग्री तैयार कर जागरूकता हेतु वितरित किया जाना।
  2. अमरकंटक क्षेत्र की जैवविविधता संरक्षण हेतु प्रचार-प्रसार सामग्री तैयार कर जागरूकता हेतु वितरित किया जाना।
  3. पर्यावरण संरक्षण विषय पर तैयार की गई वीडियो फिल्म की सीडी तैयार कर ग्राम पंचायतों को व्याापक प्रचार-प्रसार हेतु उपलब्ध कराना।
  4. इको क्लब के छात्रों द्वारा यात्रा मार्ग में आने वाले मंदिरों के भक्तों को मंदिर परिसर की साफ-सफाई हेतु जागरूक किया जाना।
  5. राष्ट्रीय पर्यावरण जागरूकता अभियान के अधीन एप्को में पंजीकृत स्वयं सेवी संगठनों के माध्यम से यात्रा के दौरान संबंधित विकासखण्डों में स्व्च्छ भारत अभियान के अन्तर्गत सामुदायिक स्वच्छ‍ता एवं श्रमदान कार्यक्रमों का आयोजन।
  6. यात्रा के दौरान संबंधित जिलों में आदिवासी विकासखण्डों में वन अधिकार पत्र प्राप्त हितग्राहियों द्वारा कार्यक्रम आयोजित करना।
  7. यात्रा के दौरान संबंधित जिलों में महाविद्यालय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण एवं विशेष रूप से नर्मदा नदी के संरक्षण विषय संगोष्ठी का आयोजन ।
  8. यात्रा के दौरान नर्मदा नदी के चिन्हित स्थलों पर जल गुणवत्ता का आंकलन एवं प्रचार-प्रसार।

म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

  1. पोलिथीन उपयोग के संबंध में अधिनियमों/नियमों का नर्मदा तटीय क्षेत्रों में पालन करवाना।
  2. जल, नदी एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण में प्रचलित अधिनिमयों के संबंध में आमजनों को प्रशिक्षित करना।
  3. उद्योगों/कारखानों का बहाव एवं नालों के माध्यम से ग्रामों एवं शहरों के कचरे से नदी में मिलने से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के संबंध में जागरूकता लाना।
  4. यात्रा के दौरान विभाग द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना।

  1. प्रिंट मीडिया - समाचार पत्रों में विज्ञापन
  2. पम्पलेट्स, फोल्डर और पोस्टर
  3. इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार
  4. होर्डिंग्सि, बैनर, प्रचार रथ एवं सोशल मीडिया

  1. नर्मदा नदी के प्रवाह क्षेत्र के जिलों में किसी भी चिकित्सालय का वेस्ट सीधे नदी में प्रवाह नही किया जायेगा,
  2. बायो मेडिकल वेस्टी के निष्पादन हेतु बायो मेडिकल वेस्टय नियम, 2016 का कड़ाई से पालन किया जायेगा,
  3. जिले के किसी शासकीय एवं निजी अस्पकताल द्वारा बिना उपचारित किये बायो मेडिकल वेस्टं का निष्पाादन किया जाता है तो तत्काल मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सूचित किया जायेगा।
  4. यात्रा के दौरान जिला/विकासखण्डष स्तबर पर चिकित्सजक/पैरा मेडिकल टीम बनाकर तथा आवश्यलक औषधियों के साथ समुचित प्राथमिक उपचार की पूर्ण तैयारी रखी जायेगी,
  5. यात्रा के रूट चार्ट पर एम्बुयलेंस / 108 वाहन की भी व्यवस्था होगी।

  1. यात्रा हेतु दो बसें 35 सीटर तथा एक कार भुगतान के आधार पर उपलब्ध करवायी जायेगी।
  2. नर्मदा किनारे स्थित पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार हेतु होर्डिग उक्त स्थलों से पूर्व नर्मदा यात्रा के मार्ग पर लगाये जायेंगे।
  3. पर्यटन स्थलों पर टूरिस्ट गाईड/पथ प्रदर्शक प्रशिक्षित कर उपलब्ध करवाये जायेंगे।
  4. नर्मदा किनारे स्थित पर्यटन निगम के होटल में से निकलने वाले कचरे तथा सीवरेज वाटर के निष्पा्दन हेतु वैज्ञानिक तरीके, जैसे कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट आदि लगवाने की कार्यवाही की जा रही है।
  5. विभाग द्वारा नर्मदा यात्रा पर स्थित पर्यटन स्थेलों पर स्थित पर्यटन निगम के होटलों में युवा, रोजगार में वृध्दि हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

  1. विभाग में हरियाली चुनरी योजना प्रचलित है, नर्मदा एवं अन्‍य नदियों के तटीय क्षेत्रों में रासायनिक खाद एवं दवाईयों के उपयोग से विषेले तत्‍व वर्षा के पानी में घुल कर, मृदा एवं नर्मदा के पानी को दूषित कर रहे है जिन्‍हें वृक्षारोपण एवं जलग्रहण क्षेत्र उपचार के माध्‍यम से रोक कर नर्मदा जल, क्षेत्र में निवासरत लोगों को जागरूक करना एवं अन्‍य नदियों के जल के प्रदूषण से मुक्‍त कर जल शुद्धिकरण करना साथ ही नदियों में आ रहे मृदा को कम करना है।
  2. वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में योजना अंतर्गत तीन वन मण्‍डलों उत्‍तर, सिवनी, नरसिंहपुर एवं अनूपपुर वन मण्‍डलों में 1391 हैक्‍टेयर क्षेत्र में क्षेत्र तैयारी करार्य कराया गया है।
  3. वर्ष 2016-17 में 1391 हेक्‍टेयर क्षेत्र में वृक्षारोपण का कार्य प्रचलित है।
  4. वर्ष 2016-17 में पांच वन मण्‍डलों उत्‍तर सिवनी, नरसिंहपुर, अलीराजपुर, डिण्‍डौरी एवं पश्चिम मण्‍डल वन मण्‍डलों में 659 हेक्‍टेयर में क्षेत्र तैयारी कार्य प्रचलित है।
  5. उक्‍त गतिविधियों के अतिरिक्‍त यात्रा के पूर्व एवं यात्रा के दौरान नर्मदा नदी एवं उसकी सहायक नदियों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन हेतु स्‍वच्‍छता जल संग्रहण प्रदूषण नियंत्रण एवं जैविक खेती आदि गतिविधियों के लिये आम जनता को जागरूकत किया जावेगा।

  1. नर्मदा किनारे स्थित गांवों को पूर्णत: खुले में शौच मुक्त कराना।
  2. उपरोक्तक जिलों में सड़क किनारे वृक्षारोपण, प्रति ब्लाक में 05 किलोमीटर के मान से वित्तीय वर्ष में पूर्ण कराना।
  3. नदी पुनर्जीवन हेतु राजीव गांधी जल ग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन द्वारा किये जा रहे कार्यों को सभी जिलों में पूर्ण कराना।
  4. नर्मदा नदी किनारे की ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्टक प्रबंधन (Solid& Liquid Waste Management) कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वगयन प्रारंभ करना।
  5. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याजणकारी योजनाओं की जानकारी आयोजित यात्रा के माध्ययम से आम जनता को प्रदाय करना।
  6. नर्मदा पथ उपयोजना में पूर्व से स्वीकृत कार्यों को पूर्ण करना।

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  1. नर्मदा कमाण्‍ड क्षेत्र में वनस्‍पतिक आच्‍छादन बढ़ाना नर्मदा किनारे स्थित 16 जिलों में अभियान चलाया जाये कि जन्‍म मृत व्‍यक्यिों को प्रमाण्‍ पत्र जारी करते समय नर्मदा किनारे शासकीय/अशासकीय भूमि पर पेड़ लगाये जायें।
  2. यात्रा के दौरान जन्‍म मृत्‍यु प्रमाण पत्र चौपालों आदि में बांट कर लोगों को पेड लगाने के लिये जागरूक करना एवं पौध रोपण करना।
  3. नर्मदा किनारे स्थित ग्राम पंचायतों की निर्माणाधीन विकेन्‍द्रीकृत योजना में मॉ नर्मदा नदी के संरक्षण हेतु गतिविधि चिन्हित कर ग्राम पंचायत की विकेन्‍द्रीकृत योजना में समम्‍लित करना।

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