नर्मदा नदी - एक परिचय

इतिहास

नदियों का हमारे जीवन में विशेष महत्व है। नदियां हमारे लिए वरदान तथा जीवनदायिनी हैं। देश के आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास में प्राचीनकाल से ही नदियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

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उद्गम एवं प्रवाह क्षेत्र

नर्मदा नदी समुद्र तल से 3000 फीट की ऊँचाई पर स्थित अमरकंटक नामक स्थान के एक कुंड से निकलती है। यह कुंड मंदिरों के समूहों से घिरा है। अनूपपुर जिले में 40 मील बहने के बाद यह मंडला की ओर बहती है।

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पौराणिक महत्व

रामायण तथा महाभारत और परवर्ती ग्रंथों में नर्मदा नदी के विषय में अनेक उल्लेख हैं। पौराणिक अनुश्रुति के अनुसार नर्मदा की एक नहर किसी सोमवंशी राजा ने निकाली थी जिससे उसका नाम सोमोद्भवा भी पड़ गया था।

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धार्मिक महत्व

भारत की अनेक धार्मिक अवधारणाओं में नर्मदा नदी को देवी के रूप में निरुपित किया गया है। नर्मदा नदी को भारत की पवित्र नदियों में से एक माना जाता है। पवित्र नदी नर्मदा के तट पर अनेक तीर्थ हैं

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आर्थिक एवं सामाजिक महत्व

नर्मदा नदी मध्य प्रदेश में अमरकंटक से लेकर सोंडवा तक विशाल भू-भाग को सींचती है, यह प्रदेश की प्राकृतिक संपदा ही नहीं अपितु जन जन की भावनात्मक आस्था का आधार भी है।

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